पोते ने मौज मस्ती के लिए चुराकर बेचीं थी बिस्मिल्लाह खां की शहनाइयां

पोते ने मौज मस्ती के लिए चुराकर बेचीं थी बिस्मिल्लाह खां की शहनाइयां

वाराणसी-- मशहूर शहनाई वादक बिस्मिल्लाह खान की चोरी हुईं शहनाइयों का मामला तो सुलझ गया लेकिन अब वे दुबारा नहीं मिल सकेंगी। शहनाइयां 5 दिसंबर 2016 को चोरी हुई थीं। चोरी का आरोपी बिस्मिल्ला खान का पोता शादाब है ।
शादाब ने 17 हजार रुपये में चार शहनाइयां ज्वेलरी दुकानदार को बेच दीं और ज्वेलर ने चांदी की तीन शहनाइयां पिघला दीं। उसने लकड़ी की एक शहनाई में लगी चांदी भी पिघला दी। यानी चोरी का मामला तो सुलझ तो गया लेकिन शहनाइयां वापस नहीं मिल सकीं, मिली तो बस पिघली हुई चांदी।
भारत रत्न बिस्मिल्लाह खान की यादगार धरोहरों में शुमार पांच शहनाइयां वाराणसी स्थित उनके बेटे के घर से चोरी हो गई थीं जिनमें से एक उनकी पसंदीदा शहनाई थी जो वह मुहर्रम के जुलूस में बजाया करते थे। दस बरस पहले बिस्मिल्लाह खान के इंतकाल के बाद से ही उनकी याद में संग्रहालय बनाने की मांग होती रही लेकिन अब तक कोई संग्रहालय नहीं बन सका। उनकी अनमोल धरोहरें उनके बेटों के पास घर में संदूकों में पड़ी थीं।
बिस्मिल्लाह खान के पौत्र रजी हसन ने पुलिस थाने में एफआइआर दर्ज कराई थी। चोरी गए सामान में शहनाइयों के अलावा इनायत खान सम्मान और दो सोने के कंगन शामिल थे। चोरी गई शहनाइयां बिस्मिल्ला खान को बहुत प्रिय थीं। इनमें से एक पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिंहराव ने उन्हें भेंट की थी, एक केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने और एक लालू प्रसाद यादव ने दी थी। एक उन्हें उनके एक प्रशंसक से तोहफे में मिली थी। इनमें से एक उनकी सबसे खास शहनाई थी जिसे वह मुहर्रम के जुलूस में बजाया करते थे।



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